छात्र बहुत गुस्से में था। बोला बताइये डोरीलाल जी परीक्षा पर चर्चा क्यों नहीं हो रही ?
मैंने कहा कि ये तुम कैसी बात कर रहे हो ? आजकल परीक्षा पर ही चर्चा हो रही है। 22 लाख छात्रों की परीक्षा पर चर्चा हो रही है। तुम्हें पता नहीं चल रहा क्योंकि भारत एक आध्यात्मिक देश है। हमें इस जन्म की चिन्ता है ही नहीं। हमें इस जीवन से मुक्ति चाहिए। हमें स्वर्ग में जाना है। भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है ....
देखिये मि डोरीलाल ये झांसा देने बंद कीजिए। मेरे एक हाथ में जूता भी है। और वो चल भी सकता है। मुझे ये बताइये कि नीट की परीक्षा का पेपर लीक कैसे हुआ ? बिल्कुल यहां वहां की न बताइयेगा ? मेरे से कुछ गलत हो जाएगा फिर मत कहियेगा।
मैंने उसे समझाया कि नीट का पेपर कोई पहली बार लीक नहीं हुआ है। बार बार हुआ है। और भविष्य में भी होगा। संसद में नेता प्रतिपक्ष ने पेपर लीक का मामला उठाया है। 90 बार पेपर लीक हो चुके हैं। पेपर लीक से परेशान छात्र और उनके मां बाप सब दुखी हैं। पर कोई गुस्सा नहीं है। कुछ लोग पकड़े गए हैं। वो सत्ताधारी दल से जुड़े हैं ये खबर हैै। आंदोलन कांग्रेस के लोग कर रहे हैं। मगर बाकी कोई नहीं कर रहा है। खुद जो बच्चे और उनके मां बाप सीधे प्रभावित हैं चुप हैं। इसलिए अभी जूता नहीं चलेगा। तुम अपना जूता पहन लो।
इस देश की विडंबना ये है कि अनपढ़ आदमी बच्चों को शिक्षा देता है कि परीक्षा कैसे दें। परीक्षा पर चर्चा करता है। शिक्षा मंत्री कहता है उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं। एक देश एक परीक्षा के नाम पर एनटीए नेशनल टेस्ट एजेंसी बनाई है। ये सरकार ने बनाई है। जिसमें कोई परमानेंट कर्मचारी नहीं है। इसमें पेपर कौन बनाता है उसकी योग्यता क्या है किसी को नहीं मालूम। अब ये सच सामने आया है कि जो पेपर बनाता है वही पेपर लीक करता है। इतने योग्य लोग नीट का भार सम्हाले हैं। इनकी यही योग्यता है। एन टी ए ने पिछले साल साढ़े चार सौ करोड़ का मुनाफा कमाया है। यह एक रजिस्टर्ड सोसायटी है जिसकी किसी के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है। ये अजब सरकार देश चला रही है जो ऐसी एजेंसी बनाती है जो सरकार, जनता, अदालत किसी के प्रति जिम्मेदार नहीं है। ये नीट की परीक्षा ले रही है। इंस्टाग्राम पर विज्ञापन दे रही थी जैसे साबुन बेच रही हो। फिर पेपर हो गया। फिर पेपर लीक की खबर आ गई। फिर पेपर रद्द हो गया। अब 21 जून को पेपर होगा।
एनटीए के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी हैं। इन पर लगातार सरकार की कृपा बरस रही है। ये म प्र पी एस सी के चेयरमैन रहे। यूपीएससी के चेयरमैन रहे। अब एनटीए के चेयरमैन हैं। इनकी एकमात्र योग्यता यह है कि ये नागपुर से सर्टिफाइड हैं। इसलिए छुट्टा घूम रहे हैं। इनका बाल बांका नहीं होगा। अंधेर नगरी चैपट राजा।
22 लाख बच्चे ये चाहते हैं कि वो डाक्टर बनें। उसके लिए वो लाखों रूपये कोचिंग में खर्च करते हैं। मेडिकल काॅलेज में भर्ती हो जाने पर लाखों रूपये हर साल फीस भरते हैं। करोड़ों रूपये डोनेशन में देते हैं। पैसे वाले प्राइवेट मेडिकल काॅलेज में बच्चों को पढ़ाते हैं। जब करोड़ों रूपये खर्च करके बच्चा डाक्टर बनेगा तो वो अपनी लागत वसूलेगा कि इलाज करेगा ? और करे भी क्यों ? हर धंधे में आदमी पैसा इसलिए लगाता है कि मुनाफा कमाया जाएगा। लाखों रूपये में लीक पेपर कौन खरीदता है ? वही जो करोड़ों रूपये की लागत लगाने को तैयार होता है। आज की तारीख में किसी गरीब का बच्चा डाक्टर नहीं बन सकता।
कितनी आसानी से बोल दिया कि परीक्षा रद्द की जाती है। अगली डेट 21 जून रहेगी। बच्चों एक बार फिर तैयारी में जुट जाओ। दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। पेपर लीक पूरी तरह से सनातन धर्म का मामला रहा। एक भी विधर्मी शामिल नहीं है। पाकिस्तान कनेक्शन नहीं है। रोज मास्टर माइंड पकड़े जा रहे हैं। सब तिलक टीका लगाए हैं। आजकल ये संकेत है कि समझ लो हम कौन हैं। किस पार्टी के हैं। हमसे उलझे तो निपटा दिए जाओगे। कितने आसानी से चुपचाप पकड़े जा रहे हैं। न कोई साइरन बज रहा है न पुलिस के जत्थे और न माननीय आरोपी जी कहीं कोर्ट के अंदर दौड़ रहे हैं। पूरे देश में अपूर्व शांति और ठंडक है।
डोरीलाल के मन में एक प्रश्न है। क्या नीट का पेपर फिर एक बार लीक होना और 22 लाख बच्चों के जीवन से खेलना कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिसमें सत्ताधारी पार्टी के नेता कार्यकर्ता कुछ बोलें। नागपुर हेडक्वार्टर से कुछ कहा जाए। चलो केवल हिन्दुओं के लिए ही कुछ कह दो। चलो कांग्रेस को दोषी बता दो। चलो राहुल गांधी को भला बुरा कह दो। कुछ तो करो। 21 राज्यों और केन्द्र में चतुर्दिक तुम्हारी पताका लहरा रही है। पुतला दहन करो। पेपर लीक करने वालों को, जूता मारो सालों को जैसा कुछ नारा लगाओ। कहीं बुलडोजर चलवा दो। किसी को पीट दो। किसी के मुंह में कालिख पोत दें। महात्मा लोग और धर्माचार्य लोग दोषियों को श्राप दें। उन्हें अपनी क्रोधाग्नि से भस्म कर दें। यज्ञ हवन कर दें। ज्योतिषी बता दें कि ये 22 लाख लोगों की ग्रह दशा में कौन सा अमंगल आ गया कि दी हुई परीक्षा रद्द हो गई। अब क्या उपचार करें ? काली गाय को उड़द की दाल मंगलवार को खिलायें ताकि इस बार पेपर लीक न हो।
अंत में डोरीलाल की भुक्तभोगियों से प्रार्थना है कुछ तो बोलो। परीक्षा देने वाले बच्चों समझो तो कि तुम्हारे भविष्य से कौन खिलवाड़ कर रहा है ? ऐसी पढाई करके कैसे इंसान बनोगे जब तुम्हारे जीवन को नष्ट करने वालों को ही पहचान न पाओगे ? बच्चों और बच्चों के मां बापों तुम तो वोटर भी हो। जो अन्याय का विरोध नहीं करता वो पापी होता है याद रखो। कम से कम अपने दुश्मन को पहचानना तो सीखो। यदि तुम चुप हो। यदि तुम पेपर लीक करने वालों और उसके पीछे छिपे राजनीतिज्ञों को नहीं पहचान पा रहे हो तो फिर तुम इसी लायक हो। तुम्हारे साथ हमेशा यही होगा।
डाक्टर चाहे जैसा बन जाए, इंसान वो कैसा बनेगा सवाल तो ये है।
डोरीलाल परीक्षाप्रेमी
20 05 2026
