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Wednesday, 14 May 2025

राम के साथ रहो, रावण का नाश करो। आप बोलेंगे न पंडित जी ?

अखबार में छपा है कि कथा वाचक पंडित जी ने कहा है कि सनातनी लड़कियों को सिखों की तरह कृपाण रखना चाहिए। आत्मरक्षा के लिए। सच में आजकल जिस तरह की खबरें लड़कियां के बारे में आ रही हैं उससे बहुत चिन्ता होती है। आने वाले समय के लिए। आने वाला समय कितना बुरा आने वाला है। अब देखिये दिल्ली में पहलवान लड़कियां कितने दिनों से अपने ऊपर हुए अत्याचारों के लिए अत्याचारी के विरूद्ध अनशन कर रही हैं और लड़कियां विरूद्ध लगभग पूरी सत्ता की मशीनरी लगी हुई है। क्या क्या नहीं हो रहा उनके साथ। ये लड़कियां भी तो सनातनी हैं। यदि पंडित जी की सलाह मानकर ये लड़कियां कृपाण रखने लगें तो अत्याचारियों के छक्के छूट जाएं। मगर मुश्किल ये है कि ये लड़कियां हैं तो आखिर लड़कियां ही, वरना पहलवानी कर रही लड़कियां तो इतनी कमजोर नहीं होतीं कि अत्याचारी को पटकनी न दे सकें। सचाई ये है कि ये लड़कियां सचाई की लड़ाई हार रही हैं और अत्याचारी जीतते दिख रहे हैं। सचाई ये है कि पूरा देश चुप है। लड़कियों के साथ नहीं खड़ा है। पंडित जी के सामने मुख्यमंत्री ने भी कहा कि मध्यप्रदेश में बेटी पर जो गलत नजर डालेगा तो फांसी पर चढ़ा दूंगा। अब गड़बड़ ये हो गई है कि साक्षी मलिक वगैरह दिल्ली में कह रही हैं कि हमारे ऊपर गलत नजर डाली गई है। वहां म प्र के मुख्यमंत्री क्या कर सकते हैं। वैसे पहलवान लड़कियां के साथ जिसने गलत किया है उसे फांसी दी जाए ऐसा तो कह सकते थे।     

                 तो पंडित जी, कृपाण हो या छुरा भाला त्रिशूल ये सब हथियार आत्मरक्षा के हथियार रह नहीं गये हैं। बात को समझिये। समय बदल गया है। अब हमले के अस्त्र हो गये हैं- पुलिस, ईडी, नारकोटिक्स विभाग, इन्कम टैक्स विभाग, अतिक्रमण विभाग आदि। अब तो अपराधी को भी अपने अपराध का तब पता चलता है जब उसके यहां छापा पड़ जाता है या उसे किसी राज्य से हवाई जहाज से आकर पुलिस रातों रात गिरफ्तार करके ले जाती है। ज्योंहि कोई अपराधी घोषित किया जाता है त्यांही उसका घर अवैध निर्माण में आ जाता है। तत्काल घर गिरा दिया जाता है। इससे अपराधी के साथ उसके पूरे परिवार बल्कि कुटुंब को सजा हो जाती है। न चालान, न केस न अदालत न सजा। आजकल इसकी हमारे समाज में बहुत तारीफ की जाती है। त्वरित न्याय। अदालत में जाने का झंझट ही नहीं। इंस्पेक्टर मातादीन चांद पर कहानी में मातादीन कहता है। ’’ हनुमान जी भगवान राम के यहां स्पेशल ब्रांच में थे। उन्होंने माता सीता का पता लगाया था। उन्होंने रावण को पकड़ा और उसे वहीं सजा दे दी। उसकी लंका में आग लगा दी। हर पुलिस वाले को यह अधिकार होना चाहिए कि अपराधी को पकड़ा और उसे वहीं सजा दे दी। अदालत में जाने का झंझट ही नहीं।’’ तो आजकल यही रामराज्य चल रहा है। आदमी को पकड़ा और अपराधी घोषित कर दिया। अब उसके जीवन में अंधेरा ही अंधेरा है। कोई उसका साथ नहीं देगा। उसे जमानत नहीं मिलेगी। उसके विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट तक अपील की जाएगी।  

                         मगर डोरीलाल परेशान है चुप्पी से। चारों ओर वीरानी है। कोई किसी का साथ नहीं देगा। कोई किसी की मुसीबत में खड़ा नहीं होगा। बरसों से लोग बिना मुकदमों के जेलों में बंद हैं। कोई सुनवाई नहीं। मगर संविधान का राज्य चला जा रहा है। वकील और मुंसिफ रोज अदालत जा रहे हैं। संविधान की किताब आज भी एक वैध किताब है। सब कोई कहते हैं कि उन्हें उस पर भरोसा है। जरूर होगा। मगर चुप क्यों हो भाई। गलत को गलत तो कहो। आप चुप हैं इसका ये मतलब नहीं हैं कि आप भले मानस हैं। आप चुप हैं मतलब आप डरे हुए हैं और अन्याय करने वाले के साथ हैं। इसलिए देश की शान लड़की पहलवानों के साथ इतने कम लोग हैं। पुरूष तो छोड़िये महिलाएं नहीं हैं साथ में जिन्होंने अपने जीवन में कभी न कभी ये दंश झेला ही होगा। सबका जमीर सो गया है। इसीलिए देश का भविष्य भी सोने लगा है। 

                   इसलिए पंडित जी लोग आप लोग ही कुछ करिये। आप लोग प्रवचन करते हैं। उसमें लाखों लोग आते हैं। लाखों करोड़ों रूपये खर्च करके भव्य पंडाल लगते हैं। माइक चांगे लगते हैं। गाना बजाना होता है। भजन होते हैं। भंडारा प्रसाद होता है। जिस देश में 85 करोड़ लोग सरकार से अनाज लेकर खाकर केवल जीवित हैं वहां ये भव्य आयोजन होते हैं। तो आप लोग अपने प्रवचनों में लोगों को बोल सकते हैं कि धर्म के रास्ते पर चलो। अन्याय अत्याचार का विरोध करो। कभी किसी अत्याचारी, व्यभिचारी के साथ खड़े मत हो। उसका विरोध करो। जो उनके साथ हो उनका विरोध करो। तभी समाज सुधरेगा। राम के साथ रहो। रावण का नाश करो।

  

आप बोलेंगे न पंडित जी ? 


डोरीलाल सचाईप्रेमी 

18 06 2023  


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