अपनी तो जैसे तैसे, थोड़ी ऐसे या वैसे, कट जाएगी, आपका क्या होगा जनाबे आली ?
वो नाचे जा रहा था। उसने डोरीलाल को भी साथ ले लिया। हम दोनों नाचने लगे। मुझे लगा कि अभी सीबीएसई का रिजल्ट आया है इसका पोता पास हो गया होगा इसलिए नाच रहा है। मुझे उसकी खुशी में खुश होना चाहिए सो मैं भी नाचने लगा।
थक जाने के बाद मैंने उससे पूछा कि भाई इस खुशी का कारण ? उसने बताया कि डोरीलाल अपन तो अब सत्तर पार हैं। अपन तो विकसित भारत नहीं देखेंगे। मगर जो लोग इस भरम में हैं कि केवल 20 साल की बात है। फिर विकसित भारत और हम सब खुशहाल। मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती। उनके लिए विकसित भारत के नमूने दिन रात दिख रहे हैं। अभी 22 लाख बच्चों की नीट की परीक्षा एक बार फिर निपट गई। फिर सीबीएसई का रिजल्ट आया तो 18 लाख बच्चों को उसमें निपटा दिया गया। मगर कोई गुस्सा नहीं। चारों तरफ सन्नाटा है। मां बाप बेचारे डरे हुए हैं, किसी तरह अपना बच्चा भर पढ़ जाए, उसकी नौकरी भर लग जाए।
सरकार ने कह दिया नीट की परीक्षा फिर से करवा देते हैं। इस बार फिर गड़बड़ हो गई कोई बात नहीं। सीबीएससी के बच्चों की कापी फिर से जंचवा देते हैं कोई बात नहीं। ये अपराधी ये किस जेम्स बांड की औलाद हैं जो इतनी बड़ी सुरक्षा को भेद जाते हैं ? पता चलता है कि ये नामालूम लोग पेपर सैटर हैं। इतने योग्य लोग सैटर बनाए गए हैं। पुणे में तो तीन मनीषा मिल गईं। ये पेपर सैटर ही पेपर लीक करते हैं। और ये अपराधी सब राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली में ही मिलते हैं जहां डबल इंजन की सरकार हैं। एक 16 साल के बच्चे ने ट्विटर पर लिख दिया कि मुझे जो मेरी कापी दिखाई गई है वो मेरी नहीं है। तो उसका कनेक्शन पाकिस्तान से ढूंढ लिया गया। जाॅजे सोरोस से ढूंढ लिया गया। ये कैसा देश है जो अपने देश के नौजवानों से इतनी घृणा करता है।
इन जैसे तमाम बच्चों के मां बापों ने ये सरकार चुनी है। बार बार चुनी है। मुझे पूरा भरोसा है कि 2047 तक तो बराबर चुनते रहेंगे। क्योंकि मुसलमान, बकरा, गाय, नमाज, भगवान राम तो तब भी रहेंगे। वोट भी इसी आधार पर देते रहना है। 2047 के बाद 2057 आ जाएगा। पहली आजादी की लड़ाई के दो सौ साल पूरे। तो दस साल और। जिनने न पहली आजादी की लड़ाई लड़ी न दूसरी आजादी की, वो आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। सही है इनके लिए आजादी तो लूट का उत्सव ही है।
डोरीलाल ने पूछा कि भई तुम नाच क्यों रहे थे ? मुझे भी नचा लिया पर कारण तो बताओ। उसने कहा देखो भाई अपनी तो कट गई। जब तक हमारे बस में रहा हमने लोकतंत्र को बचाया। भाईचारे को बचाया। घर बनाया। धंधा किया। नौकरी की। बच्चों को पढ़ाया लिखाया। काबिल बनाया। अब हमारे बच्चे जिम्मेदार हो गए। अब उनको नौकरी धंधा परिवार पालना है। अब उनको अपने बाल बच्चों को जवाब देना है कि ये क्या देश है जिसमें हमें तुमने पैदा किया है। ये कैसी सरकार है ? ये कैसा शासन है ? ये कैसा देश है जिसमें हम अपने घर में सुरक्षित नहीं हैं। देश के वैज्ञानिक, बुद्धिजीवी जेल में हैं। व्यापारी जेल में हैं। हर काबिल आदमी विदेश में जा बसता है।
हमारे बच्चे हमसे नहीं कह सकते कि तुमने कैसा देश बनाया ? हमने तो देश को सम्हाल कर रखा। कारखाने बनाए। स्कूल काॅलेज बनाए। अस्पताल बनाए। घर बनाए। हंसी खुशी पूरा देश होली दीवाली ईद और क्रिसमस त्यौहार मनाता था। एक दूसरे को गले लगाता था। जनगणमन गाता था। रेडियो में मुहम्मद रफी और लता मंगेशकर के गाने सुनता था। मगर अब हमारे बच्चों के बच्चे अपने मां बाप से पूछ रहे हैं कि पापा मम्मी तुम लोगों ने देश का क्या हाल कर दिया है। ये कैसी सरकार बनाई है तुम लोगों ने जो तुम्हारी सुनती नहीं। हमारी परीक्षाएं नहीं हो रही हैं। पेपर आउट हो रहे हैं। हमें नौकरी नहीं मिल रहीं। सड़क पर हम सुरक्षित नहीं हैं। पूरे समय लड़ाई दंगे की बातें होती हैं। चारों तरफ नफरत ही नफरत है। हमें इस देश में क्यों पैदा किया गया है ? ये कैसी सरकार है जो हमें देश में पैदा होने के बावजूद नागरिक नहीं मानती ?
भारत की जनता धर्मप्राण है। इसे लूट लो। उफ नहीं करेगी। धीरे धीरे जनता को समझ आ गया है कि अब सरकार को जनता की जरूरत नहीं रही। सरकार ने अपनी जनता चुन ली है। अभी बड़े न्यायालय के बड़े न्यायाधीशों ने भी कह दिया कि भारत में सरकार को जनता चुनने का अधिकार है। बड़ी आस लगाए थे लोग कि बड़े न्यायाधीश तो मान जाएंगे कह देंगे कि जनता को सरकार चुनने का अधिकार है। अब मिल गया बाबाजी का ठुल्लू। अब ये तय हो गया है कि वही वोटर होगा जो सरकारी पार्टी को वोट देगा। बाकी को वोट देने का अधिकार खत्म।
हम जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं। हम जहरीला पानी पी रहे हैं। वो भी धरती से खत्म होता जा रहा है। हम जहरीली सब्जी और जहरीला अनाज खा रहे हैं। हम मंहगा इलाज करवा रहे हैं। हम मंहगा बीमा करवा रहे हैं। देश में नौकरी खत्म हो चुकी हैं। शिक्षा के लिए हर कोई विदेश भाग रहा है। अमीर गरीब के अंतर ने रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। देश की सारी संपत्ति देश के कुछ अमीरों के पास जमा है। आम आदमी के लिए आमदनी घट रही है और मंहगाई बढ़ रही है। देश के अधिकांश लोग दस हजार रूपये कमाते हैं। 85 करोड़ मुफ्त का राशन पाते हैं। उनसे कहा गया है कि सोना मत खरीदना। हवाई जहाज में मत बैठना।
इस देश के नागरिक का कितना मजाक और बनाया जाएगा ?
डोरीलाल मजाक प्रेमी
31 05 2026

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