आचार्य डोलानंद
जबसे भारत के वाणिज्य मंत्री का भाषण सुना है मन भारत के स्टार्ट अप के लिए कुछ कर गुजरने को मचल रहा है। डोरीलाल परेशान है क्या कर डालें ? आखिर राष्ट्र का प्रश्न है। डोरीलाल ने तय किया है कि हम अपना स्टार्ट अप शुरू करेंगे। इसी बीच एक और खबर आई जिससे डोरीलाल का उत्साह और बढ़ गया।
एक भारतीय स्वामी हैं नित्यानंद। उन पर आरोप लगे बलात्कार और यौन शोषण के। वो तत्काल देश से भाग गये। उनको कोई पकड़ भी नहीं रहा। उन्होंने अपना एक स्वतंत्र देश स्थापित कर लिया। कैलासा। तो धर्म और आध्यात्म में इतना स्कोप है। इसके पहले रजनीश भी अमेरिका में अपना शहर बसा चुके हैं। नित्यानंद के लोग बोलिविया पंहुच गए और वहां की 3 जनजातियों से लगभग 5 लाख एकड़ जमीन की एक हजार साल की लीज़ का एग्रीमेंट कर लिया। एक हजार साल की फेंकने वाले केवल भारत में ही नहीं हैं और भी हैं।
बोलिविया की सरकार हिल गई है। भारत के स्वामियों का ऐसा प्रताप है। मगर ये तो कुछ भी नहीं। नित्यानंद ने दुनिया भर के पूंजीपतियों को बताया कि मुझमें वो शक्ति है कि आप अगले जन्म में कहां रहेंगे मैं जान सकता हूं। इसलिए अब मरते समय आप अपना सारी धन संपत्ति मुझे दे जाओ। मेरे इंटर लाइफ ट्रस्ट में रख दो। मरने के बाद तुम्हारे दूसरे जन्म की लोकेशन पता करके तुम्हारी सारी जमा की गई धन संपत्ति तुम्हें वापस दे दी जाएगी। तुम इस जन्म में भी अमीर और अगले जन्म में भी अमीर। हर जन्म में अमीर। इतना बड़ा काम किस देश का कौन स्वामी कर सकता है बताइये ? डोरीलाल को पूरा भरोसा है कि पूरी दुनिया के पूंजीपति नित्यानंद के ट्रस्ट में पैसा जमा करायेंगे बल्कि करा चुके होंगे। कोई बताएगा थोड़े ही। न्यूजपेपर में तो एलन मस्क का नाम भी लिखा है।
दुनिया में सारा खेला ही पिछले जन्म, इस जन्म और अगले जन्म के बीच आने जाने का है। भारत में लाखों प्रवचनकार कथावाचक स्वर्ग और नरक का आंखों देखा हाल बता रहे हैं और सुनने वाले चरणों में लोट रहे हैं। तो नित्यानंद ने एक कदम आगे बढ़कर एक स्टार्टअप चालू कर लिया। आदमी का सबसे बड़ा दुख क्या है ? यही कि मरने के बाद सारी कमाई यहीं रह जाती है। साथ नहीं जाती। ऐसे लोगों को नित्यानंद ने सुनहरा मौका दे दिया है।
इससे पहले कि स्मार्ट सिटी टाइप स्टार्ट अप योजना बंद हो जाए मैं अपना प्रोजेक्ट लांच कर रहा हूं। अब मुझे आचार्य डोलानंद के नाम से जाना जाएगा। डोरी का डो और लाल का ला लेकर डोलानंद बन गया है। स्वामी शब्द विवादित है इसीलिये आचार्य डोलानंद ठीक रहेगा। भारत में अमेरिका से एक सज्जन आए थे डोलांड। उनसे भी यह मिलता है। कॉस्ट्यूम क्या होगी ? सफेद चोगा, रंगीन धोती बहुत कॉमन है। बिना कपड़े के रहने का प्रस्ताव भी मैंने लज्जावश अस्वीकार कर दिया। कपड़ा ऐसा होना चाहिए जिससे आनंदातिरेक में नृत्य करने में दिक्कत न आए। एक विचित्र टोपी पहनने का भी जिक्र प्रोजेक्ट में है परंतु हर तरह की टोपियां - बंदर टोपी, देवानंद टोपी, जोकर टोपी पूर्व के बाबाओं और आचार्यों ने पहन ली हैं। देखते हैं क्या फाइनल होता है।
एक अंग्रेजी टीचर नियुक्त कर दिया गया है। जो मुझे आध्यात्मिक विषयों पर फर्राटेदार अंग्रेजी में बोलना सिखायेगा। एक व्यक्ति को रखा है जो गीता, रामायण, महाभारत, वेदों और उपनिषदों के कुछ श्लोक, कुछ कहानियां और कुछ उद्धरण रटा देगा। इतने में श्रोता मूर्ख बन जाता है। एक डांस टीचर भी रखा है जो कैट वॉक के स्टैप्स सिखाएगा। दाढ़ी और बाल बढ़ाना तुरंत शुरू कर दिया है। कुछ मंहगे फोटोग्राफरों के साथ समुद्र किनारे, जंगलों में, शेरों और बाघां से खेलते हुए, जल प्रपात के सामने हाथ फैलाए हुए, गांव के गरीबों पर दया करते हुए फोटो खींचे जाएंगे और जनता के बीच प्रसारित कर दिए जाएंगे। कुछ वीडियो और रील्स भी बन रहे हैं।
मेरा सबसे बड़ा प्रोडक्ट है ध्यान और योग। कुछ अनुभवी योग शिक्षक योग ध्यान का एक कैप्सूल प्रोग्राम बनाकर देंगे जिस पर आचार्य डोलानंद का छापा होगा। एक भव्य आश्रम बनाया जा रहा है। नदी, पहाड़ भी है। उस पर भगवान की भव्य मूर्ति स्थापित होगी। उसकी ऊंचाई इतनी होगी कि सुनीता विलियम्स कहे कि अंतरिक्ष से उसे आचार्य डोलानंद जी का आश्रम और मूर्ति दिखाई दे रही थी। आश्रम में फाइव स्टार सुविधाएं रहेंगी। आश्रम में ही आयुर्वेद और वैदिक उपचार होगा। दवाएं, मसाले, साबुन, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री आदि आश्रम में बनाई जाएगी और दुनिया भर में मार्केट की जाएगी। एक आफिस बना दिया गया है जिसमें एम बी ए, और सी ए, लोग दिन रात काम कर रहे हैं। इवेंट मैनेजमेंट के बेस्ट ब्रेन लगा दिए गए हैं।
अच्छे गायकों और वादकों और गीतकारों को बुक कर लिया गया है। नर्तकों को अलग से बुक किया है। ये आचार्य जी के ऊपर लिखे गीतों और भजनों को फ्यूजन शैली में प्रस्तुत करेंगे। एक ए डी बैंड (आ डो) भी बन रहा है।
शहर से बहुत दूर एक गांव में एक घर को संरक्षित करवा दिया है। उसी गांव के एक स्कूल को तैयार करवा दिया है । यहां भक्त गण जाएंगे और देखेंगे कि आचार्य जी किस कमरे में पैदा हुए और किस कुंए में नहाए, कहां प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की। कुछ बुजुर्गों को तैयार कर दिया गया है आचार्य जी के साथ के संस्मरण सुनाने के लिए।
फिल्म सितारों, राजनीतिज्ञों, नेताओं और कार्पोरेट जगत में प्रचार चालू है। स्थानीय व्यापारी संघों और सामाजिक संस्थाओं से बात चल रही है। वहां से थोक में शिष्य बन जाएंगे। कार्पोरेट्स से बात हो गई। सी एस आर से लंबी रकम मिल जाएगी। एडजस्टमेंट है। जितना मिलेगा उसका आधा वापस करना होगा।
भक्त तैयार करने और प्रचार प्रसार के लिए पेड कार्यकर्ता और स्वयंसेवक पूरे इलाके में फैल गये हैं। आचार्य जी के चमत्कार और योग के बारे में बतायेंगे। उन्हें पकड़ पकड़ कर सत्संग में लायेंगे। विदेशी भक्तों का इंतजाम किया जा रहा है। एक बार चेन बन जाती है फिर सब अपने आप होने लगता है।
डोरीलाल अब आचार्य डोलानंद हैं। बड़ा स्टार्ट अप प्रोजेक्ट है। काफी कठिनाईयां आ रही हैं। पर जब सब ऐसे वैसे चल रहे हैं। तो डोलानंद भी चलेंगे। दिल्ली में बात हो गई है। वो लोग बड़े साफ दिल के लोग हैं। उनने कहा है तुम हमारा काम करोगे तो हम तुम्हारा काम करेंगे। नहीं करोगे तो हम तुम्हारा काम तमाम कर देंगे। जय डोल।
डोरीलाल आश्रम प्रेमी
08 04 2025
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