भला आदमी अपनी भलमनसाहत के कारण हर जगह मार खाता है। अब देखिये कहां तो दुनिया की तीसरी पादान पर थे और कहां सातवें पर फिर तेरहवें पर फिर सत्रहवें पर और आज 22 वें पादान पर हैं। पादान और बाजार भाव हर घंटे गिर रहे हैं। अमीन सयानी जब बिनाका गीत माला हर बुधवार को पेश करते थे तो जो गीत 18 बार बज जाता था पहली पादान पर उसे सरताज घोषित कर देते थे। अब दुनिया में भारत वर्ष का ध्वज उर्ध्व करने वाले तीसरी से पहली पादान पर पंहुचने में सिर्फ एक पादान कम थे और नीचे लुढ़कने लगे। लुढके जा रहे हैं।
मगर देश की इज्जत को बट्टा नहीं लग सकता। और जब आप खुद ही देश हों तब तो बिलकुल भी नहीं। लगभग राष्ट्र के नाम संदेश दिया गया कि यह विदेशियों द्वारा भारतवर्ष नामक विश्वगुरू के खिलाफ किया गया षडयंत्र है। किसी ने प्रतिवाद नहीं किया। सबने मान लिया कि हां दुनिया के लोग हमारी प्रगति से डरते हैं।
मगर एफ पी ओ क्यों वापस लिया ?
जब सब कुछ ठीक है। बिलकुल नियम कानून के अनुसार लोगों ने पैसा लगाया और एफ पी ओ ओवर सब्सक्राइब हो गया तो फिर वापस क्यों लिया। क्यों सबका पैसा वापस कर रहे हो ?
तो बात ये है कि देश में एस बी आई और एल आई सी नामके दो बहुत आजाद संगठन हैं। ये किसी की नहीं सुनते। अपने मन की करते हैं। तो उन्हें भारत की इज्जत का ख्याल आ गया। भाई का एफ पी ओ आया है और विदेशियों का झडयंत्र बिलकुल टाइमिंग देखकर चालू हो गया। तो इस मुसीबत में भाई की मदद कैसे की जाए। जनता का पैसा है। सोच समझ कर लगाना है। भाई दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अमीर है। उसका शेयर 2500 में मिलने लगा और भाई 3500 में बेचना चाहता है। तो उसकी मदद की जाए। तो कर दी मदद। खरीद लिये 2500 वाले 3500 हजार में। इतनी तीव्र व्यापारिक बुद्धि तो विश्वगुरू के पास ही है।
कहावत है कि ऊंट की चोरी निहुरे निहुरे यानी ऊंट की चोरी लुकछिप कर झुक झुक कर नहीं कर सकते। बात खुल गई। भाई को साहबों ने कहा कि तुरंत स्लेट साफ करो। बोलो हमें कोई जल्दी नहीं है। हम बाद में लूट लेंगे। अभी बहुत मौके आएंगे। तो भाई ने सूट उतारा, कुर्ता पाजामा पहना और कह दिया कि अभी भूकंप काल है। महल हिल रहा है। इसलिए एफ पी ओ केन्सिल। एल आई सी और एस बी आई ने हुजुर को शुक्रिया कहा है।
डोरीलाल शेयर बाजार प्रेमी
06 02 2023
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